Thursday, 1 January 2009

जीवन है रौशनी


है पलक पर रौशनी , फलक पर चाँदनी
बाहें
खोल के देख ले ,जीवन है रौशनी

बदल ले ख़ुद को तू ,उड़ चल हवा के संग
तू
नदी की हिलोर , जीवन की तू रागनी

विश्वाश है तू , तू है आकाश
इस
फलक पर तू ,सूरज का उजास

तू हवा का झोंका है ,किसने तुझे रोका है
बढे जो कदम तेरे , कदमो में आकाश है

कोई नयी बात जगा ,कोई नया गीत बना
ख्वाबों
को सच बना ,ज़िन्दगी को जीत बना

नई
उमंग भर ले , नई सुबह कर ले
आज ख़ुद से ये वादा कर ले ,


(आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनायें )