Saturday, 29 March, 2008

इक बात

इक बात कहनी थी
इक बात कहकर आया हूँ

अभी चांद से ज़मीन पे
कुछ देर पहले आया हूँ

पहले पहले प्यार मे
अक्सर ऐसा होता है
चांद पे रोज़ जाते हैं क़दम
चांद से रोज़ आते हैं हम

Wednesday, 26 March, 2008

यूहीं चले

इश्क के सिलसिले
जनम जनम तक मिले
तुम मिलो हम मिले
इस गगन के तले
चाहतों के सिलसिले
यूहीं चले यूहीं चले
तुम्हारी आगोश मे
खुशियों के गुल खिले
प्यार की बाते
प्यार के ख़त
ऐसी ही सौगते मिलती रहे
चाहतों के सिलसिले
यूहीं चले यूहीं चले
तुम्हारे साथ कायनात हसीन लगती है ,
मुझको साथ मिले जो तेरा
तो हार भी जीत लगती है !!
तुम मिलो हम मिले
इस गगन के तले
चाहतों के सिलसिले
यूहीं चले यूहीं चले
इश्क के सिलसिले
जनम जनम तक मिले
तुम मिलो हम मिले
इस गगन के तले

Monday, 24 March, 2008

क़मीज़ पे दाग़

होली जा चुकी है
याद आते है बचपन मे
स्कूल की क़मीज़ पे
स्याही के नीले काले दाग़

वो साथियों के बीच
होली शुरू होने से पहले
स्कूल मे होली खेलना
दवात से कमीज़ पे छीटे
उडाना

ब्लैक बोर्ड के काले कोयले
के लेप को चेहरे पे मलना
वो बचपन की क्लास की होली
कमीज़ पे नीली काली स्याही के धब्बे

वो कलम (पेन) को पिचकारी बना लेना
स्याही के धब्बे से घर पे मम्मी की
डांट और डपट
क्लास मे टीचर की बैंत
कमीज़ पे धब्बे काश !!
कोई फ़िर से बना के
होली का रंग भर दे !!

Saturday, 22 March, 2008

रंग जाए रूह !!

रंग जाए रूह
अब श्याम तेरे ही रंग मे
जीवन को मिले
नया रूप तेरे ही रंग मे
जीवन की धूप मे
छांव तेरा ही नाम है
इस ओर उस ओर
चहुँ ओर बस तेरा ही
रंग है !!
रंग दो मुझको ऐसे
श्याम तेरे रंग मे
अब मेरी रूह रंग जाए
तेरे रंग मे रंगकर
मेरी रूह सुकून पाये !!
खेलो होली माधव अब मेरे संग मे
जीवन को कर दो धन्य
अब श्याम रंग मे
इन्द्रधनुष नज़र आए जीवन के
आकाश मे
तेरे रंग मे भीग के
मेरी रूह दमक दमक जाए !!

(आप सभी को होली की बहुत बहुत शुभकामनाये !!)

Thursday, 20 March, 2008

आज रंग है !!

आज रंग है
गोपाल का नन्द के लाल का
गोकुल मथुरा बरसाना
वृन्दावन चारों ओर
रंग है गोपाल का

इन रंगों मे आज मगन है
सृष्टि का पूरा आँगन
मुरली वाले के रंगों से
भीग गई सारी दुनिया
बरसाने मे रंग हैं बरसे
वृन्दावन मे गुलाल है

आज रंग है
गोपाल का नन्द के लाल का
गोकुल मथुरा बरसाना
वृन्दावन चारों ओर
रंग है गोपाल का

Wednesday, 19 March, 2008

आराधन गोपाल का

थाल मे सजे रंगो से
आराधन करो गोपाल का
तिलक लगाओ चंदन का
रंग भरो रंगों से खिले मन का

रंगों मे भीग भीग
माधव मे लीन लीन
थाल मे सजे रंगो से
आराधन करो गोपाल का
तिलक लगाओ चंदन का
रंग भरो रंगों से खिले मन का
आसमान के तारे भर दो
गोविन्द गोपाल को आज रंग दो
उसके रंगों मे मन को रंग दो
इस तन को और जीवन को रंग दो
थाल मे सजे रंगो से
आराधन करो गोपाल का
तिलक लगाओ चंदन का
रंग भरो रंगों से खिले मन का

Tuesday, 18 March, 2008

प्यार के रंग

तेरे मेरे प्यार के रंग
जीत के रंग
उम्मीद के रंग

आकाश से ऊँचे रंग
सागर से गहरे रंग
इन रंगों से जुड़ जाते है
इन रंगों मे घुल जाते है
तेरे मेरे प्यार के रंग

तेरे मेरे प्यार के रंग
जिन्दगी के रंगों मे घुलके
हम मिले हम हँसे खुलके
नई नई उम्मीद जगाएं
आसमान को भी नया रंग लगाएं

तेरे मेरे प्यार के रंग
जीत के रंग
उम्मीद के रंग

प्रीत के इन रंगों मे भीगे
मन का कोना कोना
दिल के आसमान मे भी
उतर आए प्यार का रंग

हलके गहरे नीले पीले
लाल गुलाबी प्यार के रंग
तेरे मेरे साथ है रंग
तेरे मेरे बाद हैं रंग !!

तेरे मेरे प्यार के रंग
जीत के रंग
उम्मीद के रंग !!

Monday, 17 March, 2008

हैप्पी बर्थ डे अनुराग भाई !!

आज अनुराग भाई का जन्म दिन है
बहुत बहुत बधाई !!

Saturday, 15 March, 2008

विक्स की गोली

तुमसे बात करते हुए
जब मैं खांसा था
प्यार से कहा तुमने
विक्स की गोली ले लो
अपना ख्याल रखो
फिर कुछ दिनों बाद तुम्हारा
ख़त भी आया
खांसी ठीक हुई या नही
तुमने विक्स की गोली
ली या नही ?
विक्स की गोली खा लेना
मैं अगले हफ्ते
आउंगी
विक्स की गोली
हफ्ते तक खाई
मैं मिलने आया था तुमसे
विक्स की गोली लेकर
क्योंकि तुम भी खांसी थी
बात करते हुए !!

रंग दीजो

रंग दीजो रंग दीजो
अबकी होली मुझको
श्याम रंग मे
मैं हो जाऊँ श्यामल श्यामल
शीतल शीतल
श्याम रंग मे
मुझको रंग दीजो
श्याम रंग मे
तन पे मेरे
मेरे मन पे
रूह को मेरी
रंग दीजो श्याम रंग मे
रोम रोम मे
जब रंग ये जाए
जन्म जन्म उतरने ने पाए
प्रभुजी हर जीवन मे
बस ये ही वर दीजो
रंग दीजो अबकी होली
मुझको श्याम रंग मे
रंग दीजो रंग दीजो
अबकी होली मुझको
श्याम रंग मे
मैं हो जाऊँ श्यामल श्यामल
निर्मल मन हो जाए
धवल धवल उज्जवल
ऐसा रंग दीजो मुझको
अबकी होली
श्याम रंग मे

धीमहे

ॐ नमामि शिव ,शिव शंकराय
यजामहे धीमहे शिव शंकराय


निर्वाण शान्ति प्रदाय सुखदाय
वरदाय शम्भो शिव शंकराय .

सृष्टी नियंता चन्द्रेश शंकराय
सुमुखाय वरदाय शिव शंकराय

आदि अनंत भोले शंकराय
बहुजन हिताय बहुजन सुखाय

जन मे व्याप्त कण मे व्याप्त
ॐशिव शिव शंकराय

हरि हरि

हरि हरि हरि
श्री कृष्ण हरि
हरि हरि ॐ
श्री कृष्ण हरि

पालनहार नाम है प्यारा
सारे जग का उजियारा ।
जिस का खेवन हार गोपाला
उसका जीवन हुआ मतवाला

हरि हरि हरि
श्री कृष्ण हरि
हरि हरि
श्री कृष्ण हरि

सुंदर नाम सुंदर स्मरण
वसुधा के कण कण मे भगवन

हरि हरि हरि
श्री कृष्ण हरि
हरि हरि
श्री कृष्ण हरि

हरी हरी कृति प्रभुजी की
हरी हरी वसुधा
हरियाली का ॐ नाद
जय जय जय बंसी वाला

हरि हरि हरि
श्री कृष्ण हरि
हरि हरि
श्री कृष्ण हरि

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
सब पर कृपा तुम्हारी

हरि हरि हरि
श्री कृष्ण हरि
हरि हरि
श्री कृष्ण हरि

Thursday, 13 March, 2008

मेरा आसमान !!

हर बात का हल होता है
सिर्फ़ उनके ही पास
वो ही करते है मेरी
हर मुश्किल आसान

उनका विस्तार हूँ मैं
वो मेरा आसमान
नाज़ हैं मुझको उनपे
वो मेरे दिल की आवाज़

हर सवाल का हल होता है
उनके अनुभव मे आती
जाने कितनी ही बातें

हम सोते है बेफिक्र होके
क्योंकि वो जागते हमारे लिए
जीवन मे हमारे रंग भरते
संग खेलते और हसते

पिता खुदा है इस धरती पर
वो जुदा हैं इस धरती पर !!

हैप्पी बर्थ डे पापा !!

आज पापा का जन्म दिन है !! पापा को जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई !!

Wednesday, 12 March, 2008

राधे राधे


रूह तक आते प्रेम के धागे
राधे राधे !!
रंगो मे भिगो देते
उम्मीद के धागे
राधे राधे !!

ऊँचे आकाश मे रहते
ज़मीन पे बहते
हवाओं मे चलते
रुत को रंगीन बनाते
प्रभु के प्रेम के धागे
राधे राधे !!

मन को वृन्दावन बनाते
कृपा बरसाते जीवन तरंग
मन की उमंग के धागे
उम्मीद और रोशनी के धागे
प्रभु के धागे
राधे राधे !!

सपनो मे उड़ने वाले
नए देश नए स्वप्न भरने वाले
ऊँचे ऊँचे उड़ने वाले
रूह को खोलने वाले
प्रेम के धागे


मुझ तक आते
मुझ से जाते
प्रभु के धागे
प्रेम के धागे
राधे राधे !!

Tuesday, 11 March, 2008

कुछ भी नही

जैसा लगता है वैसा कुछ भी नही
ऐसा भी नही वैसा भी नही
नही नही कुछ भी नही

हर बार डूबने का मज़ा आता है
हर बार दिल गाता है
उतर आता है जो ख्याल वही सच्चा
बाकी सब ऐसा वैसा कुछ भी तो नही !!

Friday, 7 March, 2008

वक़्त से आगे भी चलो

दुनिया की मिसाले लिखो
पहले खुदा का फिर बंदो का नाम लिखो

सिर्फ़ अच्छा सोचना ही नही काफी
दुनिया मे अच्छा भी दिखो

सलीके सीख लो इस शहर के
इस शहर मे थोड़ा शहरी भी लगो

मिजाज़ बदलते वक़्त नही लगता
दो क़दम वक़्त से आगे भी चलो

सोचो मत की कल क्या होगा
जीने के वास्ते थोड़ा बेफिक्र भी बनो

राह मे चलते मंजिल मिल जायेगी
बस मंजिल की तरफ़ चलो

ज़माना तुम्हारी परवाह करे ना करे
तुम मगर ज़माने की परवाह ज़रूर करो

पैमाइश की हसरत रखे दिल मे
ख़ुद को तौलते चलो

बेज़ुबान बनके कुछ हासिल नही होगा
कुछ पाने के लिए थोड़ा हल्ला भी करो

ये शहर है साये से भी भागता है
इस शहर मे साया छोडके चलो

आसमान की तरफ़ हो निगाहे बेशक
कभी कभी ज़मी को भी देखते चलो

अपने काम से रखो वास्ता
दूसरो के काम मे भी थोड़ा दखल रखो

वजूद का क्या है बन ही जाएगा
ख़ुद पे यकी और एतबार करो

सावन की बारिश मे भीगने की हसरत ही नही
भीगने के वास्ते आंखो मे थोडी सी नमी रखो .

Thursday, 6 March, 2008

ॐ शिव !!

नृत्य
मे
लीन
शिव
ध्यान
मे
लीन
शिव

शिव

शिव
है
मगन
सृष्टी
भी
मगन
मगन
नटराज
के
नृत्य
मे
एक
शांती
एक
तांडव

शिव

Monday, 3 March, 2008

तेरी आमद

मैं बेकरार हूँ करार चाहिए
अधूरा ही सही तेरा प्यार चाहिए

होने को बहुत कुछ हो सकता है
सुबहो शाम बस तेरा साथ चाहिए

क्यों मैं मांगू बहार ,मुक़द्दर की लकीरों से
हाथो की लकीरों मे , तेरा ही नाम चाहिए

ज़ुबा पे आते आते रुक गई जो कभी
तेरी ज़ुबा से ,वो बात निकलनी चाहिए

हैरान हूँ परेशां हूँ ,जिया कैसे तेरे बिना
ये एहसास ,तुझको भी होना चाहिए

खुदा ज़मीं पर आया बार बार
इक बार तेरी भी आमद होनी चाहिए

Sunday, 2 March, 2008

फाग का राग

आ गया रंगो को लेकर
देखो फाल्गुन मास
हर ओर फैला फाग का
मधुर राग


कान्हा की टोली
लायी रंगो की झोली
चलो बरसाना चले
रंगो को बरसाने

भीगे राधा भीगे गोपी
कान्हा की होली
फाग की झोली

Saturday, 1 March, 2008

अनवरत

अनवरत चल
चल चल
चलता ही चल !!