
है पलक पर रौशनी , फलक पर चाँदनी
बाहें खोल के देख ले ,जीवन है रौशनी
आ बदल ले ख़ुद को तू ,उड़ चल हवा के संग
तू नदी की हिलोर , जीवन की तू रागनी
विश्वाश है तू , तू है आकाश
इस फलक पर तू ,सूरज का उजास
तू हवा का झोंका है ,किसने तुझे रोका है
बढे जो कदम तेरे , कदमो में आकाश है
कोई नयी बात जगा ,कोई नया गीत बना
ख्वाबों को सच बना ,ज़िन्दगी को जीत बना
नई उमंग भर ले , नई सुबह कर ले
आ आज ख़ुद से ये वादा कर ले ,
बाहें खोल के देख ले ,जीवन है रौशनी
आ बदल ले ख़ुद को तू ,उड़ चल हवा के संग
तू नदी की हिलोर , जीवन की तू रागनी
विश्वाश है तू , तू है आकाश
इस फलक पर तू ,सूरज का उजास
तू हवा का झोंका है ,किसने तुझे रोका है
बढे जो कदम तेरे , कदमो में आकाश है
कोई नयी बात जगा ,कोई नया गीत बना
ख्वाबों को सच बना ,ज़िन्दगी को जीत बना
नई उमंग भर ले , नई सुबह कर ले
आ आज ख़ुद से ये वादा कर ले ,
(आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनायें )